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हरियाणा-केन्या कृषि सहयोग से खुलेगा नए निवेश और निर्यात के अवसरों का मार्ग : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा निवास में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें हाल ही में केन्या दौरे पर गए हरियाणा प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। बैठक में कृषि निवेश के अवसरों और वैश्विक सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा और गन्नौर के विधायक देवेंद्र कादयान भी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केन्या सरकार के साथ कृषि क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि लगभग 1 लाख हेक्टेयर भूमि पर हरियाणा के किसानों द्वारा खेती के लिए एमओयू (MoU) की संभावनाओं पर ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा से पहले ही अनेक कृषि उत्पाद केन्या को निर्यात किए जा रहे हैं, और भविष्य में कृषि उत्पादन, प्रसंस्करण, आयात-निर्यात एवं निवेश के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाया जाए।मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विदेश सहयोग विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मिलकर एक ऐसी कार्य योजना तैयार करें, जिसके तहत जो भी हमारे किसान विदेशों में कृषि या उससे संबंधित कार्यों में रुचि रखते हैं, उन्हें हर प्रकार की तकनीकी, हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर संबंधी सहायता समन्वयित रूप से उपलब्ध कराई जाए। इस कार्य में कृषि विश्वविद्यालयों को भी सहयोगी सदस्य के रूप में शामिल किया जाए ताकि किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग मिल सके।

उन्होंने कहा कि केन्या की जलवायु और मिट्टी भारतीय कृषि के अनुकूल है, जिससे हरियाणा के किसान वहां अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठा सकते हैं। सैनी ने कहा कि यह पहल न केवल हरियाणा की कृषि को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएगी, बल्कि राज्य के किसानों के लिए नई आर्थिक संभावनाओं के द्वार भी खोलेगी।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य राज्य के कृषि क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। उन्होंने कहा कि केन्या दौरा हरियाणा के किसानों, कृषि विशेषज्ञों और उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए द्वार खोलेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि इस दौरे के दौरान प्राप्त निष्कर्षों और समझौतों को ठोस कार्ययोजना में बदला जाए, ताकि किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

बैठक में विदेश सहयोग विभाग में  मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी ने केन्या यात्रा की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरे के दौरान नैरोबी में अंतर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अंतरराष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केंद्र (CIMMYT) तथा केन्या नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (KNCCI) के साथ सार्थक बैठकें हुईं। इन बैठकों में कृषि नवाचार, मशीनीकरण, जलवायु परिवर्तन से निपटने की रणनीतियाँ, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात-आयात सहयोग पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।उन्होंने बताया कि भारत और केन्या के कृषि विश्वविद्यालयों व अनुसंधान संस्थानों के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने पर सहमति बनी है, जिससे नई तकनीकों, अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

साथ ही, कृषि उत्पादों के व्यापारिक विस्तार और खाद्य प्रसंस्करण में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।इस बैठक में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. बी.आर. काम्बोज, लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के कुलपति प्रो. विनोद कुमार वर्मा, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री मुकेश कुमार आहूजा, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के महानिदेशक डॉ. प्रेम सिंह, केन्या दौरे पर गए किसान एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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