HomeNationalकांग्रेस के झूठ और डर की राजनीति उजागर : चुग

कांग्रेस के झूठ और डर की राजनीति उजागर : चुग

चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत द्वारा VB–G RAM G विधेयक को लेकर दिए गए बयानों को पूरी तरह भ्रामक और राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताया। चुग ने कहा कि कांग्रेस यह सच्चाई जानती है कि UPA शासन में मनरेगा एक भ्रष्टाचार-ग्रस्त लचर व्यवस्था बन चुकी थी, जहाँ फर्जी जॉब कार्ड, बिचौलियों और महीनों की मजदूरी देरी ने गरीब श्रमिकों का सबसे अधिक शोषण किया। चुग ने कहा कि बजट के आंकड़े कांग्रेस की कथनी और करनी का फर्क साफ दिखाते हैं। UPA शासन के दौरान मनरेगा का बजट वर्षों तक Rs. 30,000–33,000 करोड़ के आसपास सिमटा रहा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 वर्षों के निर्णायक और गतिशील नेतृत्व में यह बजट बढ़कर Rs. 86,000 करोड़ तक पहुँचा — यानी लगभग 2.5 गुना वृद्धि। यही नहीं, संकट के समय मोदी सरकार ने Rs. 1.11 लाख करोड़ तक खर्च कर ग्रामीण भारत को संबल दिया, जो कांग्रेस के समय कभी देखने को नहीं मिला।

चुग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार ने मनरेगा को न केवल जारी रखा बल्कि उसे पारदर्शिता और सम्मान से जोड़ा और मजबूत कर ग्रामीण रोजगार में क्रन्तिकारी बढ़ोतरी की है। प्रधानमंत्री मोदी के पिछले 11 वर्षों में मनरेगा के तहत Rs. 5 लाख करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई, जो UPA के पूरे कार्यकाल से कहीं गुना अधिक है। DBT, आधार सीडिंग और डिजिटल मस्टर रोल के माध्यम से मजदूरी सीधे श्रमिक के बैंक खाते में पहुँची और भ्रष्टाचार पर निर्णायक प्रहार हुआ। चुग ने जोड़ा कि इस विधेयक का एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी प्रावधान कृषि क्षेत्र से जुड़ा है। VB–G RAM G में 60 दिनों तक कार्य-विराम का प्रावधान रखा गया है, ताकि बुआई और कटाई के समय खेतों में मजदूरों की कमी न हो और किसान बेहतर कृषि उत्पादन कर सकें। यह फैसला पहली बार रोजगार योजना और कृषि चक्र के बीच संतुलन स्थापित करता है, जिससे किसान और मजदूर — दोनों को लाभ होगा। चुग ने कहा कि कांग्रेस ने कभी खेती और मजदूरी के इस टकराव को समझने की कोशिश नहीं की, जबकि मोदी सरकार ने इसे दूर कर एक नया मानक स्थापित किया है।

चुग ने स्पष्ट किया कि VB–G RAM G विधेयक मनरेगा को खत्म नहीं करता, बल्कि उसे सशक्तिकरण कर विकसित भारत की ज़रूरतों के अनुसार मजबूत करता है। इस विधेयक के तहत रोजगार की वैधानिक गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन की गई है, कार्यों को जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका और जलवायु सहनशीलता जैसे चार स्पष्ट क्षेत्रों से जोड़ा गया है और भुगतान को तेज व पारदर्शी बनाया गया है।चुग ने जोड़ा कि कांग्रेस के लिए सामाजिक न्याय सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस का विषय रहा है, जबकि मोदी सरकार के लिए सामाजिक न्याय का मतलब है — समय पर मजदूरी, टिकाऊ परिसंपत्तियाँ और श्रमिक की गरिमा। अधिकार नारे से नहीं, परिणाम से साबित होते हैं और VB–G RAM G उसी परिणाम की गारंटी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments