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वर्ष 2025 के दौरान वित्तीय समझदारी और डिजिटल नवाचार से ‘रंगला पंजाब’ विज़न को मिला बल: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़ : वित्त विभाग की वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने  यहां बताया कि वर्ष 2025 मजबूत वित्तीय प्रबंधन, मजबूत बुनियादी ढांचा निवेश और क्रांतिकारी डिजिटल सुधारों वाला वर्ष रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वित्त विभाग अब केवल ‘फंड वितरण करने वाला’ विभाग नहीं रहा, बल्कि ‘नवीनता (इनोवेशन) का संचालक’ बन गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘जन-हितैषी’ दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खजाने का उपयोग हमेशा आम लोगों की सेवा और भलाई के लिए हो। उन्होंने कहा कि चाहे बाढ़ से फसलों के नुकसान के लिए किसानों को दिए गए 968 करोड़ रुपये का सवाल हो या फिर पंजाब अनुसूचित जातियां भूमि विकास एवं वित्त निगम (पी.एस.सी.एफ.सी) के ऋण माफी कार्यक्रम के तहत 4,650 लाभार्थियों की ऋण माफी का मामला, आम आदमी पार्टी (‘आप’) सरकार हर पंजाबी के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि ‘आप’ सरकार द्वारा लोक कल्याण के हित में सरकारी सेवाओं की डोरस्टेप डिलीवरी की फीस भी 120 रुपये से घटाकर केवल 50 रुपये कर दी गई है, ताकि लोग इसका अधिक से अधिक लाभ ले सकें। घरेलू उपभोक्ताओं को हर दो महीने के बिल के पीछे दी जा रही 600 यूनिट (प्रति माह 300 यूनिट) मुफ्त बिजली का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि इस सुविधा के तहत 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता मुफ्त बिजली का लाभ ले रहे हैं और राज्य सरकार ने सितंबर 2025 तक की बिजली सब्सिडी के सभी बकाया भी क्लियर कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि छठा पंजाब वेतन आयोग 1 जुलाई, 2021 से लागू किया गया था, जिसके पिछली सरकार द्वारा अदा न किए गए 14,191 करोड़ रुपये के बकाया के भुगतान के लिए भी पंजाब सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में संरचनात्मक तरलता (लिकवीडेशन) योजना के अनुसार बकाया की अदायगी पहले ही शुरू कर दी है, जिससे 6 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ होगा।

जमीनी स्तर पर विकास को बल देने के लिए की गई पहलों के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ के तहत 292 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हरेक क्षेत्र को अपनी स्थानीय जरूरतें तुरंत पूरी करने के लिए 2.5 करोड़ रुपये मिलें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के दौरान सड़की और खेल बुनियादी ढांचे को भी बड़ा बल मिला है, जिसके तहत 5,338 करोड़ रुपये की लागत से 2,832 किलोमीटर प्लान सड़कें और 7,767 किलोमीटर लिंक सड़कें के निर्माण का विशाल प्रोजेक्ट चल रहा है। इसके साथ ही मंडी बोर्ड द्वारा 4,275 करोड़ रुपये के निवेश से 12,361 किलोमीटर नई ग्रामीण लिंक सड़कें का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा स्वस्थ स्वास्थ्य और खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य भर में विश्व स्तर के खेल मैदान बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

वित्त मंत्री ने ‘आप’ सरकार के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में राज्य सरकार ने विश्व बैंक-समर्थित पी.ओ.आई.एस.ई. कार्यक्रम (पंजाब आउटकम्स-एक्सीलरेशन इन स्कूल एजुकेशन ऑपरेशन) के लिए बातचीत पूरी की है। उन्होंने कहा कि 2,520 करोड़ रुपये (राज्य के साथ 70ः30 लागत-वितरण) के कुल खर्च से, इस पांच वर्षीय पहल का उद्देश्य स्कूल शिक्षा में पढ़ाई के परिणामों और शिक्षा स्तर में क्रांति लाना है। उन्होंने कहा कि राज्य जल्द ही मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत लगभग 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करेगा, जिसका अनुमानित खर्च इस वित्तीय वर्ष में 600 करोड़ रुपये होगा।

‘फिनटेक’ में देश की अगुवाई करने के लिए वित्त विभाग की सराहना करते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि विभाग ने एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से एक डिजिटल परिवर्तन लाया है, जिसमें पारदर्शिता और कुशलता बढ़ाने वाले कई ‘उत्तम समाधान’ पेश किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब एस एन ए -एस. पी. ए. आर. एस. एच. फंड प्रवाह विधि को लागू करने में अग्रणी बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्य ने वित्तीय वर्ष 24-25 में 450 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि हासिल की है और इस वित्तीय वर्ष में नकदी तरलता को अनुकूल बनाकर और अप्रयुक्त फंडों को घटाकर 350 करोड़ रुपये और हासिल करने की उम्मीद है।

हाल ही में शुरू किए गए पेंशन सेवा पोर्टल का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह पोर्टल अब पेंशनरों को अपने केसों को ट्रैक करने, जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने और ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करने की सुविधा दे रहा है, जिससे राज्य के वरिष्ठों को काफी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि पुरानी धीमी मैनुअल प्रक्रियाओं की जगह नया ऑडिट मैनेजमेंट सिस्टम (ए. एम. एस.) पोर्टल ऑडिट मेमो और रिपोर्टों की तत्काल जांच की सुविधा देता है ताकि उच्च प्रशासनिक स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि इसके अलावा पंजाब भर में सभी बिलों को इलेक्ट्रॉनिक वाउचर में बदलकर, सरकार अकाउंटेंट जनरल के साथ लेखा प्रक्रिया को सुचारू बनाते हुए स्टेशनरी और लॉजिस्टिकल लागतों में काफी कमी लाई है। उन्होंने कहा कि यह भी पहली बार है कि पंजाब खजाना नियमों को आधुनिक फिनटेक और आईटी एप्लीकेशनों को शामिल करने के लिए पूरी तरह नवीनीकृत किया गया है, और नए नियम जल्द ही प्रकाशित किए जाएंगे।

वित्त विभाग की वार्षिक रिपोर्ट का निष्कर्ष निकालते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य ने अति-आधुनिक वित्तीय प्रौद्योगिकी को अपनाते हुए जमीनी स्तर के विकास को सफलतापूर्वक संतुलित किया है। वित्त मंत्री ने आगे कहा, ‘जंगलात और कार्य विभागों में जमा कार्यों के स्वचालन और एक गैर-खजाना लेखा प्रणाली की शुरुआत के माध्यम से, हमने लीकेज को रोका है और यह सुनिश्चित किया है कि एक-एक रुपये का लेखा-जोखा हो। हम 2026 में एक मजबूत बैलेंस शीट और एक खुशहाल पंजाब के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ प्रवेश करेंगे।’

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