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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दशम पिता व वीर साहिबज़ादों के बलिदान को किया नमन

चंडीगढ़ — केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने वीर बाल दिवस के अवसर पर दशम पिता व वीर साहिबज़ादों के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि यह दिन केवल चार साहिबजादों की शहादत को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति, धर्म और मानव मूल्यों के प्रति अडिग समर्पण की चेतना जगाने का दिवस है। उन्होंने कहा कि जिस देश में पिता अपने चार पुत्रों को देश और धर्म की रक्षा के लिए बलिदान करने से पीछे न हटे, वह राष्ट्र कभी पराजित नहीं हो सकता। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह बुधवार को वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में  अमित शाह ने साहिबज़ादों के बलिदान की गाथा पर आधारित कॉफी टेबल बुक और हरियाणा सरकार द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट 2047 का विमोचन किया। इसके अलावा, केंद्रीय गृहमंत्री ने 1984 के सिख दंगा में मृतकों के परिवारों के सदस्यों को नौकरी के नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। अमित शाह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि 1984 के दंगों के पीड़ित सिख परिवारों को न्याय, मुआवजा और रोजगार उपलब्ध कराना और दशकों बाद उन्हें सम्मानपूर्वक रोजगार देना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। गृह मंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी से लेकर दशम पातशाही गुरु गोबिंद सिंह जी तक सिख गुरु परंपरा त्याग, साहस, करुणा और सर्वधर्म समभाव की मिसाल है।

उन्होंने हिन्द की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान न दिया होता तो आज हिंदू या सिख, कोई भी धर्म नहीं होता। उनके बलिदान के लिए हम सदैव उनका शुकराना करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि  उनका बलिदान विश्व इतिहास में अद्वितीय है। अमित शाह ने माता गुजरी जी के त्याग और धैर्य को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने साहिबजादों में अनुशासन, साहस और संस्कारों का संचार किया। नौ वर्ष के बाबा जोरावर सिंह और सात वर्ष के बाबा फतेह सिंह ने अत्याचारों के सामने झुकने के बजाय धर्म और सत्य के लिए मृत्यु को स्वीकार किया, यह केवल इतिहास नहीं, बल्कि भारत की नैतिक शक्ति का प्रतीक है।

गृह मंत्री ने कहा कि सिख समुदाय ने सदैव राष्ट्र की रक्षा, मानवता की सेवा और संकट के समय सबसे आगे रहकर बलिदान दिया है। सिख पंथ ने सर्वधर्म समभाव की मिसाल पेश की और गुरु ग्रंथ साहिब में विभिन्न संतों और परंपराओं की वाणी को समाहित कर पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उनके कार्यकाल में श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व, श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां शहीदी वर्ष और वीर बाल दिवस जैसे ऐतिहासिक कार्यक्रम संभव हुए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लेकर प्रधानमंत्री ने देश के करोड़ों बच्चों को साहिबजादों के जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर दिया।गृह मंत्री ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवारों विशेषकर बच्चों को साहिबजादों के बलिदान की गाथा बच्चों को सुनाएं। उन्होंने कहा कि जब-जब भारत पर संकट आएगा, तो भावी पीढ़ी मातृभूमि की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेगीउन्होंने याद दिलाया कि वीर बाल दिवस केवल स्मरण का पर्व नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चरित्र निर्माण और आने वाली पीढ़ियों को साहस, बलिदान और धर्म के प्रति निष्ठा का संदेश देने का अवसर है।

इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, कैबिनेट मंत्री अनिल विज, राव नरबीर सिंह,  महीपाल ढांडा, श्याम सिंह राणा, डॉ अरविंद शर्मा, राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा, कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित काफी संख्या में गणमान्य मौजूद थे।

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