देहरादून । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश कर दी है। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता से मुलाकात के दौरान उनके दुख और कठिनाइयों को ध्यान में रखकर हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री धामी ने परिवार को न्याय सुनिश्चित करने और राज्य सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। सीएमओ के अनुसार, धामी ने देहरादून में अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी से मुलाकात की, जहां शोक संतप्त परिवार ने अपनी भावनाएं और विचार साझा किए।
इस बीच, दिल्ली उच्च न्यायालय ने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाली सोशल मीडिया सामग्री को प्रकाशित या प्रसारित करने से रोक लगाई है। कोर्ट ने कई प्रतिवादियों, जिसमें कांग्रेस और आम आदमी पार्टी शामिल हैं, पर यह रोक लगाई और प्रथम दृष्टया मानहानि का मामला माना।यह विवाद उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या से जुड़ा है, जिसका शव सितंबर 2022 में एक नहर से बरामद हुआ था।
मुख्यमंत्री धामी का यह कदम पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशीलता और न्याय सुनिश्चित करने की राज्य सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है। इसके साथ ही, न्यायालय का निर्णय सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और मानहानि को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पूरे मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी उभर रही हैं, जैसे कि कोयला तस्करी और टीएमसी चुनावी डेटा विवाद में एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले द्वारा ईडी की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक करार देना।



