नई दिल्ली। देश में ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने हैदराबाद से नागपुर तक एलपीजी पाइपलाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस परियोजना पर लगभग 1,585 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड द्वारा विकसित किया जा रहा है।यह पाइपलाइन तेलंगाना के चेर्लापल्ली स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एलपीजी टर्मिनल से शुरू होकर वारंगल और महाराष्ट्र के चंद्रपुर होते हुए नागपुर तक पहुंचेगी। करीब 453 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन दक्षिण और मध्य भारत के बीच एक महत्वपूर्ण ऊर्जा कॉरिडोर के रूप में काम करेगी।
परियोजना की खास बात यह है कि इसके जरिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम के छह प्रमुख एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स को जोड़ा जाएगा, जिसमें नागपुर का बड़ा प्लांट भी शामिल है। इस पाइपलाइन की वार्षिक क्षमता 510 टीएमटी एलपीजी परिवहन की होगी, जिससे क्षेत्र की बढ़ती ऊर्जा मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में एलपीजी आपूर्ति के लिए सड़कों पर चलने वाले भारी टैंकरों पर काफी निर्भरता है। इससे न केवल परिवहन लागत बढ़ती है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। पाइपलाइन बनने के बाद गैस की आपूर्ति अधिक तेज, सुरक्षित और किफायती हो जाएगी। साथ ही, सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी, जिससे पर्यावरण को लाभ मिलेगा।



