HomeHealth & Fitnessयोग की शुरुआत करने वालों के लिए ये है सरल और प्रभावी...

योग की शुरुआत करने वालों के लिए ये है सरल और प्रभावी आसन

Health News :  सेहतमंद रहने के लिए अगर आप योग की शुरुआत करना चाहते है तो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा अनुशंसित कुछ आसन आपके लिए बेहद मददगार साबित हो सकते हैं। शुरुआती लोगों के लिए ताड़ासन, वज्रासन और भुजंगासन को सबसे बेहतर माना जाता है। ये तीन आसन घर पर आसानी से किए जा सकते हैं और रोजाना सिर्फ 10 से 15 मिनट का नियमित अभ्यास शरीर को लचीला बनाने, मांसपेशियों को मजबूत करने और मन को शांत रखने में काफी मदद करता है। योग विशेषज्ञों का मानना है कि इन आसनों के नियमित अभ्यास से कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

शुरुआत में धीरे-धीरे अभ्यास करें और सांस पर पूरा ध्यान केंद्रित करें। नियमितता बनाए रखने से जल्दी ही अच्छे परिणाम दिखने लगते हैं। योग का ताड़ासन सबसे आसान और बुनियादी आसनों में से एक है, जो योग की एक मजबूत नींव रखता है। इस आसन के अभ्यास के लिए, सबसे पहले अपने पैरों को एक साथ मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं। हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाते हुए उन्हें ऊपर की ओर उठाएं, हथेलियां आसमान की ओर हों। सांस भरते हुए धीरे-धीरे अपनी एड़ियों को ऊपर उठाएं और पंजों के बल खड़े हो जाएं, पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचने का प्रयास करें। इस स्थिति में कुछ देर रुकें, सांस सामान्य रखें और संतुलन बनाए रखें। फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।

ताड़ासन मेरुदंड को सीधा और लचीला बनाता है, कद बढ़ाने में मदद कर सकता है, पूरे शरीर में रक्त संचार में सुधार लाता है और मानसिक एकाग्रता व संतुलन में वृद्धि करता है।शुरुआती लोगों के लिए ताड़ासन में 20 से 30 सेकंड तक रुकना पर्याप्त है, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 1 मिनट तक किया जा सकता है। इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा रहता है। वज्रासन ऐसा अनूठा आसन है जिसे भोजन करने के तुरंत बाद भी किया जा सकता है, जो पाचन क्रिया में सहायता करता है। इस आसन के लिए, अपने घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठ जाएं। दोनों घुटने साथ रहें, हाथ जांघों पर रखें और अपनी पीठ तथा गर्दन को सीधा रखें। आंखें बंद करके शांत बैठें और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें।

वज्रासन पाचन तंत्र को मजबूत करता है, पाचन क्रिया को तीव्र और मजबूत बनाता है, घुटनों और पैरों को दृढ़ता प्रदान करता है, कमर दर्द और साइटिका में भी लाभकारी है। यह ध्यान और मन की शांति के लिए उत्तम मुद्रा है। नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी कम करने में भी सहायता मिलती है।भुजंगासन का अभ्यास करने के लिए, पेट के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को कंधों के नीचे, हथेलियों को जमीन पर टिकाकर रखें। सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी छाती को ऊपर उठाएं, सिर को पीछे की ओर झुकाएं और नजरें छत की ओर रखें। शरीर का निचला हिस्सा जमीन पर ही रहे।

इस मुद्रा में 15-20 सेकंड तक रुकें, अपनी सांस को सामान्य रखें, फिर धीरे से सांस छोड़ते हुए वापस प्रारंभिक स्थिति में आएं। भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाता है, पेट की मांसपेशियों को टोन करता है, तनाव घटाने में मदद करता है और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है, जिससे श्वसन संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है। यह कब्ज और सामान्य शारीरिक थकान को दूर करने में भी प्रभावी है। शुरुआती लोगों के लिए भुजंगासन को 15-20 सेकंड तक ही रखें और इसे 3-5 बार दोहराएं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments