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प्रशासक ने चंडीगढ़ में बाल अधिकारों एवं सशक्तिकरण को मजबूत करने हेतु “पाठशाला रथ” का शुभारंभ किया

चंडीगढ़ : पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक, गुलाब चंद कटारिया ने समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा आयोजित “बाल सभा: मन का संवाद 2.0” के दौरान सरकारी विद्यालयों एवं बाल देखभाल संस्थानों के बच्चों के साथ संवाद किया। इस कार्यक्रम ने बच्चों को अपने विचार, आकांक्षाएं एवं चिंताएं खुलकर साझा करने के लिए एक सार्थक एवं बाल-अनुकूल मंच प्रदान किया, साथ ही बाल अधिकारों, संरक्षण, सहभागिता एवं सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ किया। समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव, सुश्री अनुराधा चगती ने कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके उपरांत माननीय प्रशासक  गुलाब चंद कटारिया ने “पाठशाला रथ: स्ट्रीट सिचुएशन एवं समुदाय में निवास कर रहे संवेदनशील बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान” का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर एच. राजेश प्रसाद, आईएएस, मुख्य सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन; डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईपीएस, पुलिस महानिदेशक; अमनदीप सिंह भट्टी, अतिरिक्त उपायुक्त; सुश्री राधिका सिंह, निदेशक समाज कल्याण; सुश्री सुमन, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं; सुश्री शिप्रा बंसल, अध्यक्ष, सीसीपीसीआर, सहित बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के सदस्य उपस्थित रहे।“पाठशाला रथ” पहल का उद्देश्य संवेदनशील बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, परामर्श एवं कौशल विकास सहायता से जोड़ना है। इस अवसर पर माननीय प्रशासक ने “बाल शक्ति: अधिकार से आत्मविश्वास तक” पुस्तिका का भी विमोचन किया, जिसका उद्देश्य यूएनसीआरसी एवं बाल कल्याण कानूनों के अंतर्गत बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा एवं समग्र विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम में स्नेहालय बालिका एवं बाल गृह के बच्चों द्वारा राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना तथा बाल संरक्षण एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की भूमिका पर आधारित नाट्य प्रस्तुति सहित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।अपने संबोधन में माननीय प्रशासक ने बच्चों को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि शिक्षा केवल पेशेवर सफलता का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने बच्चों को ईमानदारी, अनुशासन, दृढ़ता एवं समाज सेवा के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन का उल्लेख करते हुए कटारिया ने बच्चों को कठिन परिस्थितियों का सामना दृढ़ संकल्प एवं मेहनत से करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को अपने मित्र समूह का चयन सोच-समझकर करने तथा सकारात्मक एवं जिम्मेदार लोगों की संगति में रहने की सलाह भी दी।
“मन का संवाद” के दौरान कटारिया ने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया और अपने जीवन के प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। एक मूर्तिकार एवं पत्थर की प्रेरक कहानी के माध्यम से उन्होंने बताया कि संघर्ष एवं चुनौतियां व्यक्ति के व्यक्तित्व एवं सफलता को आकार देती हैं। उन्होंने बच्चों को शिक्षकों का सम्मान करने, दूसरों की सहायता करने, अच्छे संस्कारों से जुड़े रहने एवं अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर एच. राजेश प्रसाद, आईएएस, मुख्य सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन ने बच्चों को अनुशासित एवं अपने लक्ष्यों के प्रति केंद्रित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बाल देखभाल संस्थानों द्वारा बच्चों के कल्याण, पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
माननीय प्रशासक ने चिल्ड्रन होम स्नेहालय फॉर बॉयज़ के मास्टर वंश तायल, जिन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया है, को सामाजिक सेवा एवं मानवता के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद उनके साहस एवं संवेदनशीलता की सराहना करते हुए श्री कटारिया ने उन्हें अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।कार्यक्रम का समापन समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक, राधिका सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी गणमान्य अतिथियों, हितधारकों एवं बच्चों का कार्यक्रम को सफल, सार्थक एवं यादगार बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।
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