नई दिल्ली – संसद के मानसून सत्र में सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित रही। छात्रों से जुड़े मुद्दों और उनके खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला। लगातार नारेबाजी और विरोध के चलते पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष से प्रश्नकाल चलाने में सहयोग की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी विपक्ष ने इसी मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ लोकसभा में पेश करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को सदन के पटल पर रखेंगे। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ को और अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा संबंधी अन्य अनियमितताओं पर कड़ी रोक लगाई जा सके।
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन के जरिए परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाया जाएगा। विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े गंभीर अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। इसके तहत दोषियों को अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना तथा अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। साथ ही ऐसे मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं।



