नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में बुधवार को विपक्ष ने नीट पेपर लीक मामले और कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा किया। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित की गई।वहीं राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ किया विपक्ष नीट पेपर लीक मामले में चर्चा तभी करेगा जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दे। कांग्रेस नेता खड़गे ने कहा, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान पहले इस्तीफा दें, फिर सदन में चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले इस बात का आश्वासन दें। दरअसल, सरकार सदन में नीट पेपर लीक मामले में चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे को पूर्व शर्त बना दिया है।दूसरी ओर, मोदी सरकार ने विपक्ष के रुख को राजनीति से प्रेरित बताया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले तीन दिनों से लगातार नीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा की पेशकश कर रही है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है।राज्य
सभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्षी इंडिया गठबंधन के व्यवहार को बहुत गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने कहा, हम संसद में उनके लोकतंत्र-विरोधी व्यवहार को साफ देख सकते हैं। संसदीय मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन हो रहा है, जबकि केंद्र सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तत्पर है। इस गतिरोध के चलते बुधवार को दोनों सदनों में कोई कामकाज नहीं हो सका और अंततः इन्हें गुरुवार तक के लिए स्थगित करना पड़ा।



