काठमांडू । नेपाल में 26 अगस्त को भोटे कोशी नदी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि हिमालय की संकरी घाटियां भी उसकी प्रचंड धारा के सामने बेबस नजर आईं। तिब्बत से निकलकर नेपाल पहुंचने वाली इस नदी में अचानक बढ़े जलप्रवाह ने सिंधुपाल्चोक जिले में भारी तबाही मचा दी। नदी का वेग इतना तेज था कि कई स्थानों पर पुल टूट गए, सड़कें और रास्ते बह गए तथा नदी किनारे बसे इलाकों में भारी नुकसान हुआ। उफनती धारा अपने साथ चट्टानें, पेड़ और मलबा बहाती हुई आगे बढ़ती रही। स्थानीय इलाकों से सामने आए दृश्यों में नदी का पानी काला-भूरा और मटमैला दिखाई दे रहा है तथा ऊंची-ऊंची लहरें संकरी घाटियों से होकर बेहद तेजी से गुजर रही हैं।
अब तक करीब 90 लोगों की मौत की खबर है, जबकि लगभग 700 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इन लापता लोगों में लगभग 150 भारतीय पर्यटक शामिल होने की जानकारी मिली है। राहत और बचाव अभियान के बीच तबाही का वास्तविक आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।स्थिति की गंभीरता को देखकर बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है, जिसमें 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। बाढ़ के तेज बहाव में कई वाहन और अन्य सामान बह गए हैं। कुल 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनके बांध, विद्युतगृह, पहुंच मार्ग और अन्य बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची है। काठमांडू ट्रैफिक पुलिस ने एहतियात के तौर पर काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाले वाहनों की आवाजाही को रोक दिया है।
बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने बताया कि बुसी और तुसु जैसे प्रभावित इलाकों से 25 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। कुल 15 हेलीकॉप्टरों में से 7 नेपाली सेना के और 8 अन्य एजेंसियों के हैं, जो बचाव अभियान में लगे हैं। घायलों के उपचार के लिए मछली ट्रेनिंग कैंप में एक मेडिकल सेंटर स्थापित किया गया है, और प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल व बचाव टीमें तैनात की गई हैं। स्थानीय अधिकारियों और नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ के खतरे को लेकर पहले ही अलर्ट कर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि सेना और मेडिकल टीमें फिलहाल बचाव कार्य पर केंद्रित हैं, और मृतकों व घायलों की सटीक संख्या का आकलन अभी जारी है। व्यापक नुकसान का विस्तृत आकलन स्थलीय निरीक्षण के बाद ही किया जा सकेगा।इस बीच, नेपाल में आई इस बाढ़ के मद्देनजर बिहार में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है। गंडक नदी में संभावित फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएम मोदी ने दिया हर संभव मदद का भरोसा – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और पड़ोसी देश में विनाशकारी बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने शाह को भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया और संकट से निपटने में नेपाल की मदद के लिए हर संभव मानवीय और राहत सहायता की पेशकश की। ङ्ग पर एक पोस्ट में, पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जान-माल की हानि पर शोक व्यक्त किया। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल में अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों पर निकटता से समन्वय कर रही हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत पड़ोसी देश में विनाशकारी बाढ़ के बाद जल्द से जल्द नेपाल को राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है।



