चंडीगढ़- कर्मचारियों के मसलों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन के तौर पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां मिड-डे-मील स्कीम के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारियों की विभिन्न यूनियनों और मान-भत्ता वर्करों के संयुक्त मोर्चे के साथ विस्तृत बैठकें कीं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वर्करों की यूनियनों के साथ उनकी मांगों और मसलों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा, “मैंने संबंधित विभागों को विभागीय स्तर के मसलों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए हैं। रोज़गार के मामलों से संबंधित सभी जायज़ सिफ़ारिशें परसोनल विभाग को भेजी जाएं, जबकि वित्तीय पहलुओं वाले मामले वित्त विभाग को भेजे जाने के निर्देश दिए।”
बैठकों के दौरान वित्त मंत्री ने यूनियन लीडरशिप को भरोसा दिलाया, “भगवंत सिंह मान सरकार वर्करों की जायज़ मांगों को हल करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है और इस संबंध में ज़रूरी कागज़ी प्रक्रिया पहले ही जारी है।”कामगारों के लिए तुरंत राहत सुनिश्चित करने के लिए, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग को सख़्त निर्देश जारी करते हुए कहा, “ज़िला स्तरीय अधिकारी मिड-डे-मील वर्करों को ज़मीनी स्तर पर आ रही व्यावहारिक मुश्किलों की सक्रियता से निगरानी करें और उनका तुरंत हल निकालें।” बैठक की कार्यवाही के दौरान विभिन्न प्रतिनिधियों ने कमेटी के समक्ष अपनी-अपनी मांगें और शिकायतें रखीं।
प्रतिनिधिमंडलों में मिड-डे-मील कुक यूनियन (बी.एम.एस.) की ओर से करम चंद चिंडालिया, कमलजीत कौर, परमजीत कौर और मुमताज़ घुंगराणा, इसी तरह लाल झंडा मिड-डे-मील वर्कर्ज़ यूनियन की ओर से जसमेल कौर बीड़कलां, कुलविंदर कौर आदमपुर, देवराज वर्मा, मक्खन सिंह जखेपल और हरपाल कौर शामिल थे। डेमोक्रेटिक मिड-डे-मील कुक फ्रंट की नुमाइंदगी हरजिंदर कौर लोपे, जंगबहादुर कौर और सिमरजीत कौर ने की। इसके अलावा मिड-डे-मील वर्कर्ज़ यूनियन की ओर से बिमला देवी, प्रवीन बाला, कमलेश कौर और कमलजीत कौर हाज़िर थीं। मिड-डे-मील दफ़्तरी कर्मचारी यूनियन की ओर से दीपक नागपाल, प्रवीन शर्मा, विजय कुमार और दविंदर सिंह तेजा ने अपने मसले रखे, जिनके साथ मान-भत्ता वर्कर्ज़ संयुक्त मोर्चे की ओर से परमजीत कौर, लखविंदर कौर, ममता शर्मा, सरबजीत कौर, शकुंतला और रमनजीत ने भी शिरकत की।



