HomeHaryanaमत्स्य पालकों और झींगा पालकों की हुई बल्ले बल्ले

मत्स्य पालकों और झींगा पालकों की हुई बल्ले बल्ले

चंडीगढ़  – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री  श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य में मत्स्य पालकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उनको जहां उच्च गुणवत्ता का बीज उपलब्ध करवाया जाएगा , वहीं उनकी मत्स्य तथा झींगा की बिक्री के लिए अलग से मंडी का प्रावधान किया जाएगा। राणा आज मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।  इस अवसर पर उन्होंने विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री-घोषणाओं तथा बजट-घोषणाओं की भी समीक्षा की और निर्धारित अवधि में उनको पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मत्स्य पालन विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन , निदेशक पवन कुमार के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की उस बजट-घोषणा को पूरा कर दिया गया है जिसमें मत्स्य पालन एवं झींगा पालन के लिए कृषि फ़ीडरों से बिजली प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं को 10 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली देने की बात कही थी। इसके अलावा,  गैर-कृषि फीडरों से जुड़े 20 किलोवाट तक के लोड वाले उपभाक्ताओं को एफपीओ /कृषि उद्योग श्रेणी के अंतर्गत 4.75 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली देनी शुरू कर दी है। इस श्रेणी में लोड सीमा को भी 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट तथा बिजली की दर 6.60 रुपए प्रति यूनिट से घटाकर 4.75 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि मत्स्य पालकों की मांग के अनुसार यमुनानगर , रोहतक एवं फरीदाबाद में नई मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएँगी। मुख्यमंत्री ने इस कार्य की स्वीकृति दे दी है जिस पर लगभग 6.04 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मार्च 2027 तक इन तीनों प्रयोगशालाओं के शुरू होने की सम्भावना है। श्याम सिंह राणा ने आगे बताया कि ज्योतिसर एवं सांपला स्थित सरकारी मत्स्य बीज फार्मों का सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण किया जा रहा है जिन पर लगभग 20.48 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, इन बीज-फार्मों के बाद अन्य फार्मों का भी चरणबद्ध तरीके से सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना” के अंतर्गत हिसार एवं फरीदाबाद जिलों में कुल 100 करोड रुपए की लागत से दो आधुनिक मछली मंडियां स्थापित की जा रही हैं , मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने इनकी मंजूरी दे दी है , जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करके काम शुरू कर दिया जाएगा। इसी योजना के तहत करनाल में 50 करोड़ रुपए की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की दिशा में काम शुरू हो गया है , इसका कार्य दिसंबर 2028 तक पूरा हो जाएगा। श्याम सिंह राणा ने पिछले वित्त वर्ष की लंबित घोषणाओं की स्थिति की भी जानकारी ली और अधिकारियों को बकाया घोषणाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

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