नई दिल्ली। देश के उत्तर-पश्चिम राज्यों में अप्रैल की शुरुआत से जारी तूफानी मौसम का सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 6 अप्रैल की शाम से मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। एक नया और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 7 और 8 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देगा, जिसके कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान समेत कम से कम 10 राज्यों में मध्यम से तीव्र बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस नए विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी आंधी-पानी का दौर जारी रहेगा।
इस मौसमी बदलाव के कारण इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी लेकिन वज्रपात और ओलावृष्टि की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।राजधानी दिल्ली में 6 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शाम ढलते ही मौसम बिगड़ने का अनुमान है। विभाग ने 7 और 8 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़ और झांसी समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। बिहार के पटना, गया और चंपारण जैसे इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है।राजस्थान के जयपुर, भरतपुर और शेखावाटी क्षेत्रों में 6 से 8 अप्रैल तक धूल भरी आंधी और बारिश का दौर चलेगा। वहीं, पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है।
विभाग ने राज्य के चार से पांच जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बीते 24 घंटों में शिमला, मनाली और धर्मशाला जैसे पर्यटक स्थलों में रुक-रुक कर बारिश हुई है।प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि बारिश और बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। विशेष रूप से किसानों को कटी हुई फसलों और खुले में रखे अनाज को सुरक्षित करने की हिदायत दी गई है ताकि ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।



