HomeHealth & Fitnessअचानक वजन बढऩे लगे तो न करें नजरअंदाज

अचानक वजन बढऩे लगे तो न करें नजरअंदाज

Health News :  यदि वजन अचानक बढ़ने लगे या पेट, पैरों और शरीर के दूसरे हिस्सों में सूजन नजर आए, तो इसे केवल मोटापे का संकेत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह किडनी से जुडी बीमारी भी हो सकती है। हैल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, वजन बढ़ने को आमतौर पर खानपान, शारीरिक गतिविधियों में कमी या मोटापे से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन कुछ मामलों में इसके पीछे किडनी की बीमारी भी हो सकती है। किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। जब गुर्दे ठीक से काम नहीं करते, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इसका असर वजन पर दिखाई दे सकता है। किडनी की बीमारी से जुड़ा वजन बढ़ना सामान्य रूप से शरीर में चर्बी बढ़ने से अलग होता है। गुर्दों की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर वे खून और ऊतकों से अतिरिक्त तरल पदार्थ पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाते। इससे शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिसे वॉटर वेट भी कहा जाता है।

शरीर में कुछ लीटर अतिरिक्त पानी जमा होने पर वजन तेजी से बढ़ सकता है।ऐसी स्थिति में केवल खानपान कम करने या व्यायाम करने से वजन में अपेक्षित कमी नहीं आती, क्योंकि समस्या शरीर में तरल पदार्थ के जमा होने से जुड़ी होती है। किडनी की बीमारी बढ़ने के साथ पेशाब के जरिए अतिरिक्त पानी बाहर निकालने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। बीमारी के गंभीर चरणों में यह समस्या अधिक दिखाई दे सकती है। कुछ मरीजों को अतिरिक्त तरल पदार्थ निकालने के लिए चिकित्सकीय उपचार या डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, वजन बढ़ने या पेट फूलने का हर मामला किडनी की बीमारी के कारण नहीं होता। इसके पीछे अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं, इसलिए सही कारण का पता लगाने के लिए जांच जरूरी है। मोटापा भी अप्रत्यक्ष रूप से किडनी की सेहत को प्रभावित कर सकता है।

अधिक वजन से टाइप-2 मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियों का जोखिम बढ़ सकता है। ये दोनों किडनी की बीमारी के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इसके अलावा आनुवंशिक समस्याएं, संक्रमण और कुछ विषैले पदार्थों के संपर्क में आना भी गुर्दों को नुकसान पहुंचा सकता है। असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप के जोखिम को बढ़ा सकती है। किडनी की सेहत बनाए रखने के लिए रक्तचाप और रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है। वजन कम करने से समग्र स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म में सुधार हो सकता है, लेकिन केवल वजन घटाने से किडनी की कार्यक्षमता में सुधार की गारंटी नहीं होती। यदि अचानक वजन बढ़े, पैरों में सूजन आए, पेशाब में बदलाव हो या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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