चण्डीगढ़ : जिला सैनिक बोर्ड (ज़िला सैनिक बोर्ड), चंडीगढ़ की बैठक निशांत कुमार यादव, आईएएस, उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला सैनिक बोर्ड, चंडीगढ़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक में ब्रिगेडियर डी.एस. ढिल्लों (सेवानिवृत्त), उपाध्यक्ष, जिला सैनिक बोर्ड, कर्नल शहज़ादा कोहली, कर्नल वेटरन्स, मुख्यालय पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश (स्वतंत्र) सब एरिया, लेफ्टिनेंट कर्नल आर.के. सिंह (सेवानिवृत्त), गैर-सरकारी सदस्य, के.के. शारदा (समाजसेवी), गैर-सरकारी सदस्य तथा कर्नल एच.एस. घुमन (सेवानिवृत्त), जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एवं सचिव, जिला सैनिक बोर्ड उपस्थित रहे।
इस दौरान पिछले वर्ष की बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति पर भी चर्चा की गई जिला सैनिक बोर्ड के सचिव कर्नल एच.एस. घुमन (सेवानिवृत्त) ने 10 जून 2025 को आयोजित पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों पर हुई प्रगति की जानकारी दी।चंडीगढ़ प्रशासन ने पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल (एग्जीक्यूटिव एवं वायरलेस), कारागार विभाग में जेल वार्डन तथा वन एवं वन्यजीव विभाग में फॉरेस्ट गार्ड के पदों पर सीधी भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी प्रदान कर दी है।चंडीगढ़ सैनिक विश्राम गृह (सैनिक रेस्ट हाउस) के नवीनीकरण हेतु चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा ₹2,07,22,651/- (दो करोड़ सात लाख बाईस हजार छह सौ इक्यावन रुपये मात्र) की राशि स्वीकृत की गई है। नवीनीकरण का कार्य 05 जून 2026 से प्रारंभ हो चुका है।
बोर्ड द्वारा की गई प्रमुख सिफारिशें – बैठक में पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। विचार-विमर्श के उपरांत बोर्ड ने निम्नलिखित प्रस्ताव चंडीगढ़ प्रशासन को आवश्यक स्वीकृति हेतु भेजने की अनुशंसा की जिनमें ड्यूटी के दौरान शहीद न होकर “फिजिकल कैजुअल्टी (मृत्यु)” घोषित होने वाले रक्षा कर्मियों के निकटतम परिजन (एनओके) को सशस्त्र बल झंडा दिवस (एएफएफडी) निधि से एकमुश्त ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने, भविष्य में मिलने वाले वीरता एवं विशिष्ट सेवा पुरस्कार प्राप्त करने वाले सैन्य कर्मियों के लिए एकमुश्त नकद पुरस्कार की राशि में संशोधन किया जाए तथा जून 2009 से पहले पुरस्कार प्राप्त कर चुके सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली मासिक भत्ते की राशि में 50% वृद्धि किए जाने,राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) छात्रवृत्ति की राशि ₹33,000 प्रति कैडेट प्रति वर्ष से बढ़ाकर ₹50,000 (पचास हजार रुपये मात्र) प्रति कैडेट प्रति वर्ष किए जाने की मांग शामिल हैं।इन प्रस्तावों का उद्देश्य सशस्त्र बलों के जवानों एवं उनके परिवारों द्वारा राष्ट्र के लिए दिए गए निस्वार्थ बलिदान के प्रति सरकार के सम्मान, सहयोग और प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करना है। बोर्ड ने आशा व्यक्त की कि चंडीगढ़ प्रशासन इन सिफारिशों पर शीघ्र निर्णय लेकर उन्हें लागू करेगा।



