नई दिल्ली। आयकर विभाग देशभर में 22 डिजिटल इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स लैब स्थापित करने जा रहा है। इन लैब में टैक्स चोरी और अघोषित संपत्ति से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जाएगी। जब्त मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड डिस्क के अलावा ईमेल, सर्वर, वित्तीय सॉफ्टवेयर और क्लाउड स्टोरेज से मिले डेटा की भी जांच संभव होगी। जरूरत पड़ने पर डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी ने इन लैब की स्थापना और टेस्टिंग के लिए टेंडर जारी किया है। परियोजना की अनुमानित लागत 73.46 करोड़ रुपये बताई गई है। ये डिजिटल लैब दिल्ली, अहमदाबाद, सूरत, भोपाल, जयपुर, चंडीगढ़, लुधियाना, पटना, रायपुर, मुंबई, पुणे, नागपुर, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, पणजी, कानपुर और लखनऊ में स्थापित की जाएंगी।
विभाग के डिजिटल एविडेंस मैनुअल के मुताबिक डिजिटल साक्ष्यों की जांच के दौरान उनकी मूल कॉपी को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि साक्ष्य में किसी तरह का बदलाव न हो। साथ ही यह रिकॉर्ड भी रखा जाएगा कि कोई डिवाइस या डेटा किस अधिकारी के पास कब रहा। डिजिटल रिकॉर्ड को गोपनीय और सीमित पहुंच वाले सिस्टम में सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी।वित्तीय लेनदेन और उनसे जुड़े दस्तावेजों के तेजी से डिजिटल होने के कारण आयकर जांच में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भूमिका बढ़ रही है। नई लैब के जरिए विभाग डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन स्टोरेज से प्राप्त सामग्री की वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच कर सकेगा।



