नई दिल्ली – नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर राजधानी दिल्ली में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन उग्र होता जा रहा है। जंतर-मंतर पर बढ़ते जनआक्रोश और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सुरक्षा कारणों से दिल्ली में शराब की दुकानों के समय में बदलाव किया गया है, वहीं दिल्ली मेट्रो के 18 प्रमुख स्टेशनों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस प्रशासन से मिले सुझावों के आधार पर दिल्ली सरकार ने वीकेंड खत्म होने तक शराब की दुकानों को रात 10 बजे के बजाय रात 8 बजे ही बंद करने का आदेश जारी किया है।
गुरुवार को भी बिना किसी पूर्व सूचना के दुकानें जल्दी बंद होने से शराब खरीदारों को मायूस होकर लौटना पड़ा था। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। हाल ही में आयोजित संसद मार्च के हिंसक हो जाने और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के घायल होने के बाद सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। दूसरी ओर, विरोध प्रदर्शनों की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने राजधानी के 18 महत्वपूर्ण स्टेशनों को शनिवार को भी बंद रखने का फैसला किया है। बंद रहने वाले प्रमुख स्टेशनों में राजीव चौक, पटेल चौक, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, दिल्ली गेट और नई दिल्ली जैसे व्यस्त स्टेशन शामिल हैं।
मेट्रो प्रशासन का मानना है कि समयावधि के लिहाज से इतनी बड़ी संख्या में स्टेशनों का लगातार बंद रहना मेट्रो के इतिहास की सबसे लंबी बंदियों में से एक हो सकता है। स्टेशनों की बंदी और इंटरनेट सेवाओं पर लगी रोक के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम को भी मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने के कारण दफ्तरों से लौटने वाले लोगों को पैदल सफर करना पड़ा, जबकि ऑटो-रिक्शा चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें भी सामने आईं। कैब बुकिंग सेवाएं बाधित रहने से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है और पूरा मध्य दिल्ली इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है।



