मुंबई- महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे कथित पेपर लीक माफिया बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसके साथ एक अन्य सहयोगी को भी हिरासत में लिया है। महाराष्ट्र पुलिस कई महीनों से बिजेंद्र की तलाश में जुटी हुई थी और उसे पकड़ने के लिए बिहार सहित देश के कई राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही थी।
आखिरकार गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने उसे धर दबोचा। बिजेंद्र गुप्ता का नाम देश भर में हुए कई चर्चित पेपर लीक घोटालों में सामने आता रहा है। इससे पहले एक स्टिंग ऑपरेशन में उसने कथित तौर पर परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों और पेपर लीक सिंडिकेट के काम करने के तरीकों का खुलकर खुलासा किया था।जांच अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र टीईटी मामले में पूर्व में बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सहित कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन बिजेंद्र लगातार पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो रहा था।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब महाराष्ट्र पुलिस को उम्मीद है कि इस पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल अन्य सफेदपोशों और सिंडिकेट द्वारा जुटाए गए अवैध धन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।फिलहाल पुलिस उसे रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है। बिजेंद्र गुप्ता की यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर छात्र आंदोलन चरम पर है। कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले छात्र लगातार पेपर लीक करने वाले माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में इस कथित मास्टरमाइंड का पकड़ा जाना जांच एजेंसियों के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा



