चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले राज्य की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई राजनीतिक पारी का आगाज कर दिया है। उन्होंने अपनी नई पार्टी के नाम की घोषणा करते हुए इसे भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी (बीआरपी) का नाम दिया है। नवजोत कौर ने स्पष्ट किया है कि यह पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एक नए विकल्प के रूप में उभरेगी और इसका प्राथमिक लक्ष्य पंजाब के खोए हुए गौरव को वापस लाना है। सोशल मीडिया के जरिए इस नई शुरुआत की जानकारी साझा करते हुए नवजोत कौर ने लिखा कि यह एक ऐसी घोषणा है जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।
उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नेताओं के प्रदर्शन को परखने के बाद उन्होंने देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने का फैसला लिया है। उनके मुताबिक, एक ईश्वरीय शक्ति ने समान सोच वाले उन लोगों को एकजुट किया है जिनमें साहस, आत्मविश्वास और हर राज्य में काम करने का दृढ़ संकल्प है। पार्टी का साझा लक्ष्य उच्च चेतना के माध्यम से समाज में न्याय, शांति और प्रेम स्थापित करना है।नवजोत कौर का यह कदम पंजाब की राजनीति में त्रिकोणीय मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है। वर्तमान में राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार है, जबकि कांग्रेस और भाजपा अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी हैं।
बीआरपी की एंट्री से खास तौर पर सत्ताधारी दल और मुख्य विपक्षी दलों के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है। नवजोत कौर ने वादा किया है कि वह पंजाब को फिर से गोल्डन स्टेट बनाएंगी, जहां लोगों को न्याय, आजादी और बिना किसी बाहरी दखल के रहने का अधिकार होगा। गौरतलब है कि नवजोत कौर सिद्धू को हाल ही में कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए 500 करोड़ रुपये की मांग किए जाने के गंभीर आरोप लगाकर सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया था। इसके बाद कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने उनके निष्कासन की पुष्टि की थी। कांग्रेस छोडऩे के बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग पर भी तीखे हमले किए थे। अब नई पार्टी के गठन के साथ ही नवजोत कौर ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही संगठन विस्तार को लेकर बड़ी घोषणाएं की जाएंगी, जो आगामी चुनावों में भाजपा और अन्य दलों के समीकरण बिगाड़ सकती हैं।



