नई दिल्ली। राज्यसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की स्थिति आने वाले महीनों में और मजबूत हो सकती है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और विभिन्न दलों में बदलते समीकरणों के बाद भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए उच्च सदन में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पश्चिम बंगाल में टीएमसी की टूट, आम आदमी पार्टी के कुछ सांसदों के भाजपा खेमे में जाने और विभिन्न राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों ने एनडीए की स्थिति को मजबूत किया है।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की राजनीति में लगातार संभावित बदलावों पर भी नजर रखी जा रही है।
संविधान संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है। ऐसे में राज्यसभा में संख्या बल बढ़ाना केंद्र सरकार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि विपक्षी दल इन दावों को राजनीतिक अटकलें बताते हुए कहते हैं कि आगामी चुनाव और क्षेत्रीय दलों की रणनीतियां ही भविष्य की तस्वीर स्पष्ट करेंगी। फिलहाल राज्यसभा के बदलते समीकरण राष्ट्रीय राजनीति का महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।



