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आम नागरिक ही हैं भारत के असली भाग्य विधाता : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके सामान्य दिखने वाले असाधारण नागरिक हैं , और ये नागरिक ही भारत के असली भाग्य विधाता हैं। यही लोग विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में हिंदी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की एक विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर जनसेवा से जुड़े लोगों को सम्मानित करने के बाद सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने हरियाणा में इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा भी की ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी सुमन सैनी, सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत , राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  विपुल गोयल , हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा , सांसद रेखा शर्मा, विधायक शक्ति रानी शर्मा, विधायक रणधीर सिंह पनिहार, सतपाल जांबा के अलावा कई गणमान्य भी उपस्थित थे।इस अवसर पर डॉ रविंदर सिंह, एमडी एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर) ,डॉ हरपिंदर कौर, अतिरिक्त वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी , महक, नर्सिंग ऑफिसर ,संध्या कपूर, नर्सिंग ऑफिसर, महिला सहायक उप निरीक्षक (ASI) शिवानी   शशि, सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्ता , गुरजीत, सर्वश्रेष्ठ सहायिका , मिस अंजली, BSC Nursing students,   बलवान सिंह, Leading  Fireman को उनकी जनसेवा के लिए सम्मानित किया गया ।

अधिकारियों में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता , गृह सचिव सुधीर राजपाल, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन आयुक्त डॉ सुमिता मिश्रा के अतिरिक्त, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष कुमार लोहान समेत अनेक अधिकारी उपस्थित थे। नायब सिंह सैनी ने फिल्म भारत भाग्य विधाता देखने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि  इस देश की असली ताकत किसी सरकार या सेना में ही नहीं, बल्कि यहां के आम नागरिकों के चरित्र, साहस और सेवा भावना में बसती है। उन्होंने 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म साहस, संवेदनशीलता, कर्तव्य और मानवता की एक ऐसी जीवंत कहानी है, जो हर भारतीय के दिल को छूती है। उन्होंने कहा कि जब चारों ओर आतंक और भय का माहौल था, तब कुछ जांबाज लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की रक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अक्सर केवल मंचों पर दिखने वाले नायकों की चर्चा करते हैं, लेकिन बिना किसी प्रशंसा की इच्छा के अपना कर्तव्य निभाने वाले डॉक्टर, नर्स, पुलिसकर्मी, सुरक्षा बल और समाज सेवक ही हमारे राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं। जब भी कोई संकट आता है, यही लोग सबसे पहले आगे आकर मानवता की रक्षा करते हैं। नायब सिंह सैनी ने कोविड-19 महामारी के दौर को याद करते हुए कहा कि उस मुश्किल समय में हमारे स्वास्थ्य योद्धाओं ने अपने परिवारों से दूर रहकर दिन-रात काम किया और यह सिद्ध कर दिया कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है ।

‘नारी शक्ति’ का अद्भुत स्वरूप और हरियाणा का बदलता स्वरूप- मुख्यमंत्री सैनी ने फिल्म में ‘महिला शक्ति’ के चित्रण की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारतीय नारी केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि संकट के समय करुणा को कर्तव्य में बदलने वाली समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी नीतियों के कारण आज देश में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने गर्व से उल्लेख किया कि हरियाणा, जो कभी लिंगानुपात की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा था, आज अपनी बेटियों की विज्ञान, खेल, सेना और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियों के कारण पूरे देश में एक नई पहचान बना चुका है। यह बदलाव केवल सरकारी नीतियों का नहीं, बल्कि समाज की सोच में आए सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।

आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई: “अब भारत घर में घुसकर मारता है-राष्ट्रीय सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 26/11 का दर्द सिर्फ मुंबई का नहीं, बल्कि पूरे भारत का दर्द था। हमने अपने निर्दोष नागरिकों और बहादुर जवानों को खोया, लेकिन आतंक के सामने घुटने टेकने से इनकार कर दिया।  उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज का भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करता। उन्होंने गर्व के साथ कहा ,  “आज भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है और अब भारत घर में घुसकर मारता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इसका सबसे ताजा और जीवंत उदाहरण है।”

 सिनेमा समाज का मार्गदर्शक, 2047 तक ‘विकसित भारत’ का संकल्प-मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का दर्पण और मार्गदर्शक होता है। जब इतिहास के अनसुने पन्नों और गुमनाम नायकों की कहानियां सामने आती हैं, तो वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। उन्होंने देश का पेट भरने वाले किसान, सीमा की रक्षा करने वाले सैनिक, भविष्य गढ़ने वाले शिक्षक और सफाई कर्मचारियों सहित समाज के हर वर्ग को नमन किया, जो राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं।मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण का जो विजन रखा गया है, उसे हम सभी 140 करोड़ देशवासी अपने सामूहिक प्रयासों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर अवश्य पूरा करेंगे।

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