नई दिल्ली । तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।इससे पहले तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच भी मुलाकात हुई थी। लगातार हो रही इन बैठकों के बाद तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच संभावित नजदीकियों तथा राजनीतिक तालमेल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
हालांकि सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की बैठक में दोनों दलों के विलय को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बातचीत का मुख्य फोकस विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन को और मजबूत बनाने तथा संसद और राष्ट्रीय राजनीति में बेहतर समन्वय स्थापित करने पर रहा। बताया जा रहा है कि अभिषेक बनर्जी ने विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और राहुल गांधी के नेतृत्व में साझा रणनीति बनाने की बात कही। उधर, तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस में विलय की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसके बावजूद लगातार हो रही उच्चस्तरीय बैठकों ने राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।



