HomeNationalसंत सीचेवाल ने मासिक न्यूनतम बैलेंस न रखने पर लगने वाले जुर्माने...

संत सीचेवाल ने मासिक न्यूनतम बैलेंस न रखने पर लगने वाले जुर्माने का मुद्दा राज्य सभा में उठाया

नई दिल्ली / चंडीगढ़ – राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बजट सत्र के दौरान बैंकों में गरीबों के बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस (मासिक औसत राशि) न रखने पर लगाए जाने वाले जुर्माने का मुद्दा गंभीरता से उठाया। उन्होंने वित्त मंत्रालय द्वारा लोक सभा में साझा की गई जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि इन नियमों के तहत पिछले तीन वर्षों में गरीब खाताधारकों के खातों से लगभग 19 हजार करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में वसूल किए गए हैं।

संत सीचेवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री से प्रश्न करते हुए पूछा कि क्या सरकार ग्रामीण पृष्ठभूमि के गरीब खाताधारकों, विशेष रूप से किसानों और मजदूरों को इस तरह के जुर्माने से राहत देने पर विचार कर रही है।इस प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंकों में से 10 बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस न रखने पर जुर्माना लगाना बंद कर दिया है, जबकि बाकी दो बैंकों ने अपनी नीतियों और शुल्क संरचना को तर्कसंगत बनाया है। उन्होंने यह भी बताया कि जो खाताधारक जुर्माने से बचना चाहते हैं, वे अपने मौजूदा बचत खाते को “बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट” में बदल सकते हैं।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के अनुसार, इन खातों में न तो न्यूनतम बैलेंस रखने की कोई अनिवार्यता है और न ही कोई जुर्माना लगाया जाता है। इसके अलावा, जमा, निकासी और एटीएम जैसी बुनियादी बैंकिंग सेवाएं भी मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं।संत सीचेवाल ने कहा कि जो गरीब और जरूरतमंद खाताधारक न्यूनतम बैलेंस भी बनाए नहीं रख सकते, उनकी आर्थिक मजबूरी स्पष्ट होती है। ऐसे लोगों को राहत देने के बजाय बैंकों द्वारा उन पर जुर्माना लगाना अन्यायपूर्ण है।

 संत सीचेवाल ने कहा कि जहां बड़े कॉरपोरेट्स के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जाते हैं, वहीं गरीबों के खातों में मामूली राशि न होने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सामाजिक असमानता को दर्शाती है, जहां गरीबों की मेहनत की कमाई जुर्माने के नाम पर बैंकों द्वारा निकाल ली जाती है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments