नई दिल्ली । मॉनसून की दस्तक के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ने लगा है। उत्तर प्रदेश और बिहार में तेज आंधी और बारिश ने व्यापक प्रभाव डाला, वहीं नवी मुंबई में हुए भूस्खलन में पांच गाड़ियां मलबे में दब गईं। राजस्थान में रेत का बवंडर उठा, जबकि दिल्ली सहित कई जगहों पर तेज हवाएं चलीं।जहां बिहार के 10 जिलों में आंधी-बारिश हुई, जहां बेगूसराय में एक ऑटो पर पोल गिर गया। उत्तर प्रदेश के इटावा में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी के साथ बारिश से 100 से अधिक पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए।
महाराष्ट्र के नवी मुंबई के पवने एमआईडीसी इलाके में भारी बारिश के कारण पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढहने से ये वाहन क्षतिग्रस्त हुए। राजस्थान के अलवर में रेत का बवंडर उठा, और दिल्ली के पालम में 111 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी दर्ज की गई।केरल में मानसून के प्रवेश के छह दिन बाद अब यह पूर्वोत्तर के सभी राज्यों सहित कुल 16 राज्यों में पहुंच चुका है, जिसमें मिजोरम, मेघालय, सिक्किम और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं। गुजरात को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में प्री-मॉनसून का असर है, हालांकि मध्य प्रदेश के 26 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों (11-12 जून) के लिए उत्तर भारत में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले गिरने की आशंका है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश में भी आंधी-बारिश व कुछ स्थानों पर ओले पड़ सकते हैं। केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश जारी रहेगी। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में अभी भी लू की स्थिति है, जिसके बाद तापमान में कमी आने की उम्मीद है।



