मुम्बई । भारतीय क्रिकेट टीम अगले माह 15 अगस्त से श्रीलंका में दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी। 9 साल के बाद भारतीय टेस्ट टीम एक बार फिर श्रीलंका में खेलती दिखेगी। भारतीय टीम को ये दौरा 9वां द्विपक्षीय टेस्ट दौरा होगा। अगर पिछले तीन दशक के इतिहास पर नजर डालें, तो साल 1985 से 2017 तक भारतीय टीम ने श्रीलंका में कुल 24 टेस्ट मैच खेले हैं। इस दौरान भारत ने 9 जीत दर्ज की हैं, 7 में उसे हार मिली और 8 मुकाबले ड्रॉ रहे।
हालांकि, पिछले कुछ सालों से भारत का पलड़ा भारी रहा है और टीम ने श्रीलंकाई मैदानों पर अपने पिछले पांचों टेस्ट मैच जीते हैं। इस बार भारतीय टीम के 15 सदस्यीय दल में से 12 खिलाड़ी ऐसे हैं जो पहली बार श्रीलंका में टेस्ट मैच खेलने उतरेंगे। इसमें कप्तान शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने भले ही बाकी जगहों पर कई रिकार्ड बनाये हों पर श्रीलंका में टर्निंग विेकेट पर स्पिनरों के सामने इनकी असल परीक्षा होगी।
गौरतलब है कि भारतीय टीम ने पहली बार 1985 में कपिल देव की कप्तानी में श्रीलंका का दौरा किया, जहां उसे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। 1993 में, भारत को श्रीलंका की धरती पर अपनी पहली टेस्ट जीत मिली, लेकिन सीरीज बराबरी पर समाप्त हुई। इसके बाद 1997, 1999 और 2001 में भी भारतीय टीम को खास सफलता नहीं मिली और या तो सीरीज ड्रॉ रही या भारत को हार झेलनी पड़ी। 2008 का दौरा अजंता मेंडिस की रहस्यमी स्पिन के लिए याद किया जाता है, जिसने भारतीय बल्लेबाजों को खासा परेशान किया था, और भारत को सीरीज गंवानी पड़ी। 2010 में रोमांचक सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही। हालांकि, 2015 का श्रीलंका दौरा भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।



