भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। 38 साल के रहाणे पिछले काफी समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। रहाणे ने वैसे तो तीनो ही प्रारुपो में खेला है पर टेस्ट क्रिकेटर के तौर पर वह अधिक सफल रहे हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की कप्तानी भी की है। साल 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। तब एडिलेड में भारतीय टीम 36 रन पर आउट हो गई थी और विराट कोहली निजी कारणों से घर लौट आए थे तब विपरित हालातों में रहाणे ने टीम को 2-1 से जीत दिलाई थी।
रहाणे ने सोशल मीडिया पर गुंरुवार सुबह एक वीडियो जारी कर अपने कर संन्यास की घोषणा की। रहाणे इस दौरान भावुक नजर आए।गौरतलब है कि इस स्टायलिश बल्लेबाज ने साल 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में टी-20 मैच से अपने अंतराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। इसके एक महीने बाद ही उन्हें पहला एकदिवसीय मैच खेलने का मौका मिला. दो साल बाद यानी 2013 में उन्हें टेस्ट टीम में जगह मिली थी। उसके बाद इस बल्लेबाज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। रहाणे मध्यक्रम में एक भरोसेमंद बल्लेबाज के तौर पर उभरे।
रहाणे ने साल 2011 में एकदिवसीय और टी20 अंतरराष्ट्रीय में पदार्पण किया था। साल 2013 में उन्होंने पहला टेस्ट खेला था। वहीं जुलाई 2023 में आखिरी टेस्ट खेला। एकदिवसीय में उन्होंने अपना अंतिम मैच साल 2018 जबकि टी20 में साल 2016 में खेला था। ऐसे में उनकी वापसी संभव नहीं थी। रहाणे ने अपने इंटरनेशनल करियर में 85 टेस्ट, 90 एकदिवसीय और 20 टी20 मैच खेले, जिसमें 5077, 2962 और 375 रन बनाए। टेस्ट में उन्होंने 12 जबकि एकदिवसीय में 3 शतक लगाए।



