नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी बेजोड़ बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। रविवार, 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए पहले वनडे इंटरनेशनल मैच में कोहली ने न केवल तूफानी शतक जड़ा, बल्कि एक ऐसा दुर्लभ कारनामा भी कर दिखाया जो वनडे क्रिकेट में कम ही देखने को मिलता है। उन्होंने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ के खिलाफ अकेले ही 53 रन बना डाले, जो उनके वनडे करियर में दूसरी बार है जब उन्होंने किसी एक गेंदबाज के खिलाफ 50 से अधिक रन बनाए हों।
इस मुकाबले में किंग कोहली अपने चिर-परिचित अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए अंत तक नाबाद रहे और उन्होंने मात्र 88 गेंदों पर 10 चौकों और 9 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 139 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। यह तीन मैचों की वनडे इंटरनेशनल सीरीज का पहला मुकाबला था। इसी दौरान उन्होंने अल्जारी जोसेफ को अपना निशाना बनाया। शुरुआत में जोसेफ खतरनाक दिख रहे थे और उन्होंने कप्तान रोहित शर्मा को पवेलियन भेजकर वेस्टइंडीज को महत्वपूर्ण सफलता भी दिलाई थी, लेकिन कोहली ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने जोसेफ की गेंदों पर लगातार प्रहार करते हुए 53 रन जोड़े और अपने शतक के बीच एक स्पेशल फिफ्टी भी पूरी कर ली।
यह कारनामा विराट कोहली ने दूसरी बार किया है। इससे पहले उन्होंने दस साल पहले 2016 में न्यूजीलैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट के खिलाफ मोहाली वनडे मैच में 54 रन बनाए थे। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि वनडे फॉर्मेट में किसी एक बल्लेबाज द्वारा किसी एक ही गेंदबाज के खिलाफ 50 या उससे अधिक रन बनाना असाधारण उपलब्धि है। ऐसा इसलिए क्योंकि आमतौर पर गेंदबाज बदलते रहते हैं और विभिन्न गेंदबाजों को खेलने का अवसर मिलता है। ऐसे में किसी एक गेंदबाज पर हावी होकर इतनी बड़ी संख्या में रन बनाना बल्लेबाज के नियंत्रण और कौशल को दर्शाता है।
विराट कोहली ने अपने वनडे इंटरनेशनल करियर में अब तक कुल 79 अर्धशतक जड़े हैं, जो उनकी निरंतरता का प्रमाण है। एक गेंदबाज के खिलाफ 50 से अधिक रन बनाने के अलावा, कोहली तीन बार 45-45 रन भी एक ही गेंदबाज के खिलाफ बना चुके हैं। इनमें श्रीलंका के विश्वा फर्नांडो (कोलंबो आरपीएस 2017) और लाहिरू कुमारा (त्रिवेंद्रम 2023), तथा दक्षिण अफ्रीका के प्रेनालेन सुब्रायन (रांची 2025) शामिल हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि विराट कोहली में किसी खास गेंदबाज पर दबाव बनाकर रन बटोरने की अनोखी क्षमता है, जो उन्हें खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक बनाती है।



