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मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में इंडो-कनाडा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल के साथ की बैठक

चंडीगढ़– हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने अपने आवास संत कबीर कुटीर पर इंडो-कनाडा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रशांत श्रीवास्तव के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा कनाडा के साथ बढ़ते सहयोग को एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था में वे देश और क्षेत्र तेजी से प्रगति कर रहे हैं, जो ज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी पर आधारित साझेदारियां स्थापित कर रहे हैं।

 नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा और कनाडा कई ऐसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं, जिनसे साझा प्रगति और सतत विकास का एक मजबूत मॉडल तैयार किया जा सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्मार्ट गवर्नेंस में संभावित सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार प्रशासन को अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए डिजिटल और एआई आधारित समाधानों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कनाडा वैश्विक स्तर पर अग्रणी देशों में से एक है और स्मार्ट गवर्नेंस, डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कृषि क्षेत्र के लिए एआई आधारित समाधानों जैसे क्षेत्रों में सहयोग से शासन और जनसेवा वितरण को और सशक्त बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा और कौशल विकास के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हरियाणा के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। कनाडा की एप्लाइड लर्निंग, पॉलिटेक्निक शिक्षा और सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण प्रणाली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं। संयुक्त डिग्री कार्यक्रम, कौशल विकास कार्यक्रम, एक्सपिरियंस लर्निंग और इंडस्ट्री इंटिग्रेटिड पाठ्यक्रम जैसे क्षेत्रों में साझेदारी से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो सकते हैं।कृषि और एग्री-टेक के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रिसिजन फार्मिंग, पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग से हरियाणा के किसानों की उत्पादकता और आय दोनों को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी उद्यमिता भी परस्पर सहयोग के लिए एक बड़ा क्षेत्र है। हरियाणा निरंतर नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है और कनाडा का वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम राज्य के प्रयासों को और मजबूती प्रदान कर सकता है। इन्क्यूबेशन सपोर्ट, अनुसंधान सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों प्रांतों के युवाओं और उद्यमियों को नए अवसर मिल सकते हैं।मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन प्रबंधन के क्षेत्र में कनाडा का अनुभव हरियाणा के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल हरियाणा और कनाडा के बीच दीर्घकालिक और संस्थागत सहयोग की मजबूत आधारशिला बन सकती है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को श्रीमद्भगवद्गीता की एक प्रति भी भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को कनाडा आने का निमंत्रण दिया, ताकि सहयोग को और आगे बढ़ाया जा सके तथा भारत–कनाडा साझेदारी को सुदृढ़ किया जा सके।उल्लेखनीय है कि हरियाणा का विदेश सहयोग विभाग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रवासी हरियाणवी समुदाय को सहयोग प्रदान करता है। यह विभाग राज्य सरकार के ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए कार्य कर रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार, मुख्यमंत्री के सलाहकार (विदेश सहयोग) पवन कुमार चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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