नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय ने सांसदों को प्रश्नकाल से जुड़े नियमों की याद दिलाई है। सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि मंत्रियों के लिखित जवाब सदन में पेश होने तक पूरी तरह गोपनीय रहेंगे।
यही नहीं लोकसभा सचिवालय ने निर्देश दिया है कि जिन प्रश्नों का मौखिक उत्तर दिया जाना है, उनके जवाब भी सदन में पूछे और उत्तर दिए जाने तक सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। सचिवालय ने यह भी कहा कि यदि किसी मौखिक प्रश्न का उत्तर नहीं दिया जाता है, तब भी प्रश्नकाल समाप्त होने तक उसका उत्तर गोपनीय रहेगा। किसी प्रश्न का अंतिम और आधिकारिक उत्तर वही माना जाएगा, जो उस दिन की सदन की कार्यवाही में दर्ज होगा।



