चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। पंजाब विधान सभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवां ने बताया कि नव प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री मांवां-धियां सत्कार योजना’ महिलाओं के कल्याण और प्रगति के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। स्पीकर संधवां ने पंजाब की उन महिलाओं से तुरंत अपना नाम पंजीकृत करने की जोरदार अपील की, जिन्होंने इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी पात्र लाभार्थी इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस ऐतिहासिक पहल के तहत पंजाब सरकार पात्र महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करके सशक्त बनाती है, जिसमें सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जाते हैं। स्पीकर संधवां ने जोर देते हुए कहा कि यह वित्तीय सहायता महिलाओं को अधिक स्वायत्तता प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, ताकि वे अपनी निजी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और धनराशि का उपयोग अपनी भलाई के लिए कर सकें।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से ऊपर उठाना है, ताकि वे समाज में सम्मान, विश्वास और सुरक्षा वाला जीवन जी सकें।संधवां ने कहा, “हमारी सरकार ऐसा वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ महिलाएँ स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में फली-फूल सकें और अपना दर्जा ऊँचा उठा सकें।” उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन न केवल हर कदम पर महिलाओं के साथ खड़ा है, बल्कि उनकी प्रगति, खुशी और समग्र कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है।



