नई दिल्ली। देश के दस राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों और तीन राज्यों की एक-एक सीट पर होने वाले उपचुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं, जहां सभी 24 उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है। संसद के उच्च सदन के लिए निर्विरोध चुने गए इन दिग्गजों में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया और तरुण चुघ समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। नामांकन पत्रों की जांच के बाद चुनावी मैदान में अन्य प्रतिद्वंद्वी न होने के कारण संबंधित निर्वाचन अधिकारियों ने इन सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को जीत का प्रमाण-पत्र सौंप दिया है। इस चुनावी दौर में कुल 27 सीटों में से 24 का फैसला निर्विरोध हुआ है, जिसमें से सर्वाधिक 19 सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पाले में गई हैं, जबकि शेष पांच सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है।
राज्यों के नतीजों को देखें तो मध्य प्रदेश में भाजपा के तीनों उम्मीदवारों—तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट ने निर्विरोध जीत हासिल की है। वहीं कर्नाटक से चार उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सचिव मंसूर अली खान, पवन खेड़ा और भाजपा के एम. नागराज शामिल हैं। कर्नाटक के इस चुनाव के साथ ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के वरिष्ठ नेता एचडी देवेगौड़ा की पांच दशकों से भी लंबी संसदीय पारी का अंत हो जाएगा, जिनका कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है। गुजरात से सत्तारूढ़ भाजपा के चारों उम्मीदवारों—राजूभाई शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेशभाई राठवा और जितेंद्र कंजारिया को विजयी घोषित किया गया है। आंध्र प्रदेश में भी एनडीए का दबदबा रहा, जहां तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के बश्याम रामकृष्ण, सी. विजय, सना सतीश बाबू और जनसेना के लिंगमनेनी रमेश निर्विरोध उच्च सदन पहुंचे हैं।राजस्थान से भाजपा के सतीश पूनिया व अलका गुर्जर और कांग्रेस के नीरज डांगी निर्विरोध चुने गए हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो मेघालय से नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जेम्स के. संगमा, मणिपुर से भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष अधिकारीमायुम शारदा देवी और अरुणाचल प्रदेश से भाजपा के वरिष्ठ नेता ताई तागाक ने निर्विरोध जीत दर्ज की है। इनके अलावा तीन राज्यों में हुए उपचुनावों में भी निर्विरोध नतीजे आए, जिसके तहत महाराष्ट्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के राजेंद्र जैन निर्वाचित हुए हैं। ओडिशा से हाल ही में भाजपा में शामिल हुए देवाशीष सामंतराय एकमात्र उम्मीदवार होने के कारण निर्विरोध चुने गए, जबकि तमिलनाडु से कांग्रेस उम्मीदवार प्रवीण चक्रवर्ती ने अन्य सभी निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने के बाद आसान जीत हासिल की।
अब झारखंड और मिजोरम पर नजर – इस निर्विरोध निर्वाचन के बाद अब सबकी नजरें झारखंड की दो और मिजोरम की एक सीट पर टिक गई हैं, जहां 18 जून को मतदान कराया जाएगा। झारखंड में दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में होने से मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। यहाँ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा के सामने रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक व भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ताल ठोक रहे हैं। झारखंड विधानसभा में विपक्षी इंडिया गठबंधन के पास 56 विधायक हैं और जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 28 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होगी, जबकि भाजपा के पास अपने 21 विधायकों के अलावा सहयोगी दलों का भी समर्थन हासिल है। दूसरी ओर, मिजोरम की एकमात्र सीट के लिए सत्तारूढ़ ज़ोरम पीपल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के प्रवक्ता के. लालतलुआंगकिमा और मुख्य विपक्षी दल मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) की ज़ोथानसांगी हमार के बीच सीधा मुकाबला है।



