HomeNationalसुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को वैध ठहराया, विपक्ष ने निराशा जाहिर की

सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को वैध ठहराया, विपक्ष ने निराशा जाहिर की

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वैध और संवैधानिक घोषित किया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने साफ किया कि चुनाव आयोग को किसी भी समय एसआईआर कराने का कानूनी अधिकार है और इस अधिकार को अवैध नहीं ठहराया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग ने अपने अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया और लोगों को अपनी बात रखने के पर्याप्त मौके प्रदान किए।लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने निराशा जाहिर की है।

उन्होंने कहा, हमें सुप्रीम कोर्ट से उम्मीदें थीं, मैं क्या कहूं? उन्होंने कहा कि वे विस्तृत फैसले का अध्ययन करने वाले हैं और सभी विपक्षी दलों के साथ बैठकर भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने फैसले को विपक्ष के लिए करारा झटका बताया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष का चेहरा बेनकाब हुआ है और कांग्रेस का सियासी चोला उतर गया है। बीजेपी प्रवक्ता अजय आलोक ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ संविधान विशेषज्ञ (विपक्षी नेता) अपनी बुद्धि को संविधान से ऊपर मानते हैं। उन्होंने राहुल गांधी, पूरी कांग्रेस पार्टी, टीएमसी, ममता बनर्जी, तेजस्वी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं पर चुनाव आयोग का अपमान करने का आरोप लगाकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आज अपने फैसले में उन्हें करारा जवाब दिया है।

बीजेपी प्रवक्ता आलोक ने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद देकर कहा कि यह बहुत जरूरी था।यूपी सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र संस्था है और आयोग को एसआईआर कराने का अधिकार है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी है। राजभर ने विपक्षी दलों की आलोचना कर उन्हें बेवजह टिप्पणियां करने वाला बताया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया में नोटिस देने और सुनवाई जैसे सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय मौजूद थे और इसका मकसद मतदाता सूची को सही व भरोसेमंद बनाना है।

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