HomeHealth & Fitnessरोजाना योगाभ्यास बुढापे में संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाने में कारगर

रोजाना योगाभ्यास बुढापे में संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाने में कारगर

Health News : 60 वर्ष की आयु के बाद लोगों में गिरने का खतरा काफी बढ़ जाता है, जिससे फ्रैक्चर, गंभीर चोट और लंबे समय तक शारीरिक अक्षमता जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इस आयु के बाद मांसपेशियों की ताकत कम होना, जोड़ों में अकड़न, संतुलन बिगड़ना और चलने-फिरने में अस्थिरता जैसी समस्याएं सामान्य हो जाती हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय का कहना है कि नियमित योगाभ्यास इस जोखिम को कम करने का एक सुरक्षित, सरल और प्रभावी उपाय साबित हो सकता है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन भी बुजुर्गों में गिरने को चोट, विकलांगता और अस्पताल में भर्ती होने के प्रमुख कारणों में शामिल मानता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ शरीर का संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो छोटी-सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों पर योग के प्रभाव का मूल्यांकन किया गया। अध्ययन में पाया गया कि नियमित योगाभ्यास करने वाले बुजुर्गों में शरीर का संतुलन, समन्वय, लचीलापन और चलने-फिरने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। इससे उनके गिरने की संभावना में कमी आई और वे दैनिक गतिविधियां अधिक आत्मविश्वास के साथ करने में सक्षम हुए। विशेषज्ञों के अनुसार, वृक्षासन, ताड़ासन, भुजंगासन और सेतु बंधासन जैसे सरल योगासन बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माने जाते हैं।

ये आसन पैरों, कमर और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, शरीर की स्थिरता बढ़ाते हैं और संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित अभ्यास से जोड़ों की जकड़न कम होती है और शरीर अधिक सक्रिय बना रहता है। इसके साथ ही योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। योग करने से तनाव, चिंता और गिरने का डर कम होता है, जिससे आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन दोनों मजबूत होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिदिन 20 से 30 मिनट का नियमित योगाभ्यास भी बुजुर्गों के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। हालांकि जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, गंभीर गठिया, रीढ़ की समस्या या अन्य पुरानी बीमारियां हैं, उन्हें योग शुरू करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

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